पश्चिम एशिया में जंग तेज: IRGC ने शुरू किया ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस’ का 78वां चरण, सऊदी-UAE के रुख से बढ़ी चिंता
तेहरान (आरएनआई)। ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष अब और भयानक होता जा रहा है। युद्ध के चौथे सप्ताह में पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के 78वें चरण की शुरुआत का ऐलान किया है।
IRGC के मुताबिक, इस चरण में इस्राइल के डिमोना, तेल अवीव और ईलाट जैसे संवेदनशील ठिकानों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने दावा किया है कि हमलों में इमाद और काद्र जैसी मल्टी-वारहेड मिसाइलों और हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है।
इसी बीच क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रुख में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने किंग फाहद एयर बेस के इस्तेमाल की अनुमति देने के संकेत दिए हैं, जबकि यूएई ने ईरान से जुड़े कुछ संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कर दिया है और अपनी हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी है।
युद्ध का असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ने लगा है। कुवैत में मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के दौरान गिरे मलबे से बिजली ट्रांसमिशन लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा बढ़ा दी है और कुछ समय के लिए हमले टालने का फैसला लिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए तैयार है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है।
गौरतलब है कि इस संघर्ष में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर साफ दिख रहा है—तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर खतरा मंडरा रहा है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)