गन्ने की पैदावार और शुगर रिकवरी बढ़ाने के लिए किसानों को नई टेक्नोलॉजी जरूरी: केन कमिश्नर
बटाला (आरएनआई) गन्ने के विकास, पेमेंट और दूसरे कई मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 'दा बटाला कोऑपरेटिव शुगर मिल बटाला' के फील्ड स्टाफ के साथ एक मीटिंग हुई। मीटिंग की अध्यक्षता पंजाब के केन कमिश्नर डॉ. अमरीक सिंह ने की।
मीटिंग के दौरान, वसंत के मौसम में गन्ने की फसल का एरिया और प्रति हेक्टेयर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए की जा रही एक्टिविटीज़ का रिव्यू किया गया। मीटिंग में यह भी तय किया गया कि अगले हफ़्ते किसान जागरूकता कैंप लगाने के अलावा, गांव लेवल पर किसानों के साथ मीटिंग करके उन्हें गन्ने का एरिया बढ़ाने के लिए मोटिवेट किया जाएगा।
इस मौके पर डॉ. रेनू विरदी असिस्टेंट गन्ना विकास ऑफिसर, डॉ. पवित्र सिंह बल चीफ गन्ना विकास ऑफिसर, डॉ. स्वर्णजीत सिंह, डॉ. गगनदीप कौर एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट ऑफिसर के साथ-साथ सभी फील्ड स्टाफ मौजूद थे।
मीटिंग को संबोधित करते हुए डॉ. अमरीक सिंह ने कहा कि गन्ना पंजाब की मुख्य फसल है और इसकी प्रति हेक्टेयर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि गन्ने की बसंत की बुआई चल रही है और यह समय गन्ने की फसल में इंटरक्रॉपिंग के लिए बहुत ज़रूरी है और इस समय गन्ना किसानों को इंटरक्रॉपिंग के साथ-साथ फसल के रखरखाव के बारे में टेक्निकल जानकारी देने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि गन्ने की बसंत की बुआई में इंटरक्रॉपिंग करके प्रति हेक्टेयर गन्ने का प्रोडक्शन बढ़ाकर गन्ना किसानों की इनकम बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने गन्ना सेक्शन के अधिकारियों और सभी शुगर मिलों को निर्देश दिया कि वे पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की सिफारिशों के अनुसार भविष्य में गन्ने और गन्ने के बीच इंटरक्रॉप बोएं। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल का एरिया 4 फीट की दूरी (चौड़ी दूरी वाला तरीका) के तहत बढ़ाया जाना चाहिए ताकि गन्ने की फसल की पैदावार में काफी बढ़ोतरी हो सके और राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए पानी की बचत हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि गांव लेवल पर अवेयरनेस कैंप लगाकर गन्ना किसानों को गन्ने की फसल का प्रोडक्शन और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए अलग-अलग लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के बारे में अवेयर किया जाए। उन्होंने कहा कि तय टारगेट समय पर पूरे किए जाएं।
इस मौके पर डॉ. पवित्र सिंह बल ने कहा कि मिल की गन्ना पेराई क्षमता दोगुनी होने से गन्ना किसानों में गन्ना बुआई के प्रति उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार गन्ने का रकबा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की सुविधा के लिए छोटे ट्रैक्टर और दूसरी मशीनरी खरीदी गई हैं ताकि मजदूरों की कमी को देखते हुए गन्ने की खेती के मशीनीकरण को और तेज किया जा सके।
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