कसोल रेव पार्टी मामला: कुल्लू के तत्कालीन डीसी-एसपी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत, हाईकोर्ट के आदेश पर रोक
नई दिल्ली। कसोल में कथित अवैध रेव पार्टियों और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल से जुड़े मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार और कुल्लू के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें कुल्लू के तत्कालीन उपायुक्त (डीसी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और संबंधित उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के इन निर्देशों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश हिमाचल प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी।
इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पार्वती घाटी में कथित अवैध रेव पार्टियों, नशीले पदार्थों के सेवन और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि जिला प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहा और राज्य सरकार को संबंधित अधिकारियों का तबादला करने, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, डीआईजी स्तर के अधिकारी की निगरानी में एसआईटी गठित करने तथा विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार और प्रभावित अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिका में कहा गया कि आदेश के विभिन्न पहलुओं पर कानूनी समीक्षा आवश्यक है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देशों के अमल पर अंतरिम रोक लगा दी।
अब मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी। अंतिम फैसला आने तक हाईकोर्ट के विवादित निर्देश प्रभावी नहीं रहेंगे। मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय आगे का निर्णय देगा।
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