एयर इंडिया विमान हादसे का इकलौता जीवित यात्री आज भी सदमे में, एक साल बाद छलका विश्वास कुमार रमेश का दर्द

Saturday, June 13, 2026 - 14:09
0
एयर इंडिया विमान हादसे का इकलौता जीवित यात्री आज भी सदमे में, एक साल बाद छलका विश्वास कुमार रमेश का दर्द

अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया विमान हादसे को एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन इस भीषण त्रासदी के इकलौते जीवित बचे यात्री Vishwash Kumar Ramesh के लिए समय अब भी जैसे उस भयावह दिन पर ही ठहरा हुआ है। 12 जून 2025 को हुए इस दर्दनाक हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि विश्वास कुमार रमेश चमत्कारिक रूप से जीवित बच गए थे। हालांकि एक साल बाद भी वे उस हादसे की मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक पीड़ा से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं।

हादसा उस समय हुआ था जब एयर इंडिया का Boeing 787 Dreamliner अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और कैंटीन भवन से टकरा गया, जिससे विमान में सवार अधिकांश यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ जमीन पर मौजूद लोगों की भी जान चली गई। इस त्रासदी में विश्वास ने अपने भाई अजय को भी खो दिया था।

हादसे के बाद सामने आई विश्वास की तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी थी, जिसमें वे खून से सनी टी-शर्ट पहने मलबे से दूर जाते दिखाई दिए थे। लेकिन उस तस्वीर के पीछे छिपे दर्द और संघर्ष को बहुत कम लोग समझ पाए। आज भी विश्वास को ठीक से नींद नहीं आती, अचानक घबराहट होने लगती है और हादसे की यादें उनका पीछा नहीं छोड़तीं।

ब्रिटेन के लीसेस्टर में अपने परिवार के साथ रह रहे 39 वर्षीय विश्वास का कहना है कि लोग उन्हें जीवित बच जाने पर बधाई देते हैं, लेकिन उनके भीतर चल रही लड़ाई को कोई नहीं देख पाता। वे मानसिक आघात, शारीरिक समस्याओं और आर्थिक चुनौतियों से एक साथ जूझ रहे हैं। सामान्य जीवन में लौटने की कोशिशों के बावजूद हादसे की यादें उन्हें बार-बार उसी दर्दनाक क्षण में ले जाती हैं।

विश्वास की ओर से मुआवजे और अन्य कानूनी दावों के लिए ब्रिटेन की एक कानूनी संस्था एयर इंडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रही है। वहीं एयर इंडिया ने भी कहा है कि वह हादसे से प्रभावित सभी लोगों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच विमान दुर्घटना की आधिकारिक जांच अभी भी जारी है। ब्रिटेन और भारत की जांच एजेंसियां मिलकर हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। हालांकि एक साल बीत जाने के बाद भी विश्वास कुमार रमेश के मन पर लगे जख्म पूरी तरह नहीं भर पाए हैं और यह त्रासदी आज भी उनके जीवन का सबसे दर्दनाक अध्याय बनी हुई है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User