मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन का संघर्ष रंग लाया, सभी समाचार पत्रों को समान विज्ञापन देने का मिला आश्वासन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डीएवीपी मान्यता प्राप्त एवं सूचीबद्ध समाचार पत्रों को समान रूप से सरकारी विज्ञापन दिलाने की मांग को लेकर मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन का संघर्ष रंग लाता दिखाई दे रहा है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश त्रिवेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह को ज्ञापन सौंपकर सभी पात्र समाचार पत्रों को बिना किसी भेदभाव के नियमित विज्ञापन जारी करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में मांग-पत्र के आधार पर विज्ञापन जारी करने की व्यवस्था के कारण अनेक छोटे एवं दूरदराज के क्षेत्रों से प्रकाशित डीएवीपी मान्यता प्राप्त और सूचीबद्ध समाचार पत्र वंचित रह जाते हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि इस व्यवस्था को समाप्त कर सभी पात्र समाचार पत्रों को समान अवसर प्रदान किया जाए, जिससे सरकार की "सबका साथ, सबका विकास" की भावना भी साकार हो सके।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि एसोसिएशन की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। एसोसिएशन ने यह भी स्मरण कराया कि पूर्व में सूचना विभाग द्वारा सभी पात्र समाचार पत्रों को समान रूप से विज्ञापन देने की व्यवस्था लागू थी, जिसे पुनः प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाना भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति प्रशासन के साथ मिलकर फर्जी पत्रकारों की पहचान और उनके विरुद्ध कार्रवाई में सहयोग करेगी। यह अभियान सबसे पहले लखनऊ से प्रारंभ किया जाएगा, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
एसोसिएशन की इस पहल का विभिन्न जनपदों के पत्रकारों ने स्वागत करते हुए इसे पत्रकार हितों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। समर्थन करने वालों में केशव पाण्डेय, अनिल कटियार, उमा मिश्रा, राकेश कश्यप, निहाल सिंह जेम्स, पवन पाठक, भूपेन्द्र मणि त्रिपाठी, शशिकांत पाण्डेय, सुजान सिंह गौतम, निर्मल सिंह यादव, नफीस अहमद जाफरी, उमाकांत बाजपेई, नीरज शर्मा, सुधीर मिश्र, प्रदीप त्रिवेदी, आदर्श अवस्थी, अजय मिश्रा सहित अनेक पत्रकार शामिल रहे।
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