जंतर-मंतर बयान पर महबूबा मुफ्ती पर बरसे उमर अब्दुल्ला, बोले- सार्वजनिक रूप से माफी मांगें
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
सोमवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सत्ता में रह चुके नेताओं के ऐसे बयान आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से हतोत्साहित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती को दिल्ली के जंतर-मंतर जाने के बजाय अपने बयान पर पुनर्विचार करना चाहिए था।
दरअसल, 23 जुलाई को महबूबा मुफ्ती दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन कश्मीर में अतीत में पैलेट गन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर उनकी टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती ने आतंकवाद से निपटने के नाम पर बल प्रयोग को उचित ठहराने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यदि नेता ही ऐसे कदमों का समर्थन करेंगे तो आम लोग अपने अधिकारों और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने जैसी मांगों के लिए आगे आने से डरेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा बयान दिया जिससे गलत संदेश गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आतंकवाद के नाम पर बच्चों को न्याय से वंचित किया जा सकता है या लोगों के अधिकारों की अनदेखी की जा सकती है।
वहीं, विवाद बढ़ने के बाद पीडीपी ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, उमर अब्दुल्ला ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि यदि बयान अनजाने में दिया गया था, तो सफाई देने के बजाय माफी मांगना अधिक उचित होता।
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