कादीपुर: अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ में धूमधाम से मनाई गई गुरु पूर्णिमा

Wednesday, July 29, 2026 - 20:42
Updated: 1 day ago
0

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के संरक्षण एवं सान्निध्य में संपन्न हुआ।

सुबह 6:30 बजे से ही मठ परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार गूंजने लगा। सबसे पहले नौ नाथ बाबा सत्यनाथ की चरण पादुका का विशेष पूजन किया गया। इसके बाद आदि गुरु भगवान दत्तात्रेय का विशेष अभिषेक पूजन-अर्चन अघोर परम्परा की तांत्रोक्त विधि से किया गया। आल्हा सम्राट फौजदार सिंह ने आल्हा गायन कर उपस्थित जनसमूह को जोश से भर दिया। गायक नीरज शर्मा ने संगीत संध्या पर भक्ति भजन गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मठ परिसर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने सनातन धर्म में पर्यावरण की भूमिका पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में डा सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येंदु, डॉ करुणेश भट्ट, डॉ रामप्यारे प्रजापति, मथुरा प्रसाद सिंह जटायु,हनुमान प्रसाद सिंह सहित अन्य विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य शैलेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह छंगू, भाजपा जिला उपाध्यक्ष आनंद द्वीवेदी,अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उप्र के प्रदेश अध्यक्ष डॉ इन्द्रसेन श्रीवास्तव, नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक,दोस्तपुर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमेश सोनकर, हनुमान प्रसाद सिंह, नूरपुर प्रधान बन्टी सिंह, अरविन्द सिंह भाजपा नेता लालमणि सिंह,सुरेंद्र सिंह,महंथ शानू पाठक, आचार्य नीरज मिश्र, गुड्डू सिंह रामू बोलबम, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजित राम , सन्तोष कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तों ने गुरु मंत्र का जाप कर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। कपाली बाबा ने प्रवचन में कहा कि गुरु ही जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक हैं। गुरु की सेवा और समर्पण से ही साधक को सिद्धि प्राप्त होती है।

उन्होंने अघोर परम्परा के महत्व को बताते हुए कहा कि यह परम्परा मानवता, सेवा और आत्मज्ञान का मार्ग है। तांत्रोक्त विधि से हुए अभिषेक से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

महोत्सव में प्रसाद वितरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया। वातावरण पूरे दिन भक्तिमय बना रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात साहित्यकार आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।

What's Your Reaction?

Like Like 2
Dislike Dislike 0
Love Love 3
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User