‘सभ्यताएं बमबारी से नहीं मिटतीं’: ट्रंप की धमकी पर ईरान का तीखा पलटवार
न्यूयॉर्क (आरएनआई) अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयान ने हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है। ट्रंप द्वारा ईरान को “पाषाण युग में भेजने” की चेतावनी पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सभ्यताओं को बमबारी से मिटाया नहीं जा सकता।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने ट्रंप के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस तरह की भाषा ताकत नहीं, बल्कि अज्ञानता को दर्शाती है। ईरान ने यह भी कहा कि किसी देश को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी देना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध की मंशा को दर्शाता है।
ईरान ने अपने जवाब में अपनी प्राचीन सभ्यता का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी सांस्कृतिक विरासत सात हजार वर्षों से भी अधिक पुरानी है, जबकि अमेरिका का इतिहास अपेक्षाकृत काफी छोटा है। ईरानी पक्ष ने स्पष्ट किया कि सभ्यताएं केवल सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि संस्कृति, ज्ञान, विज्ञान और समाज की मजबूती से बनती हैं, जिन्हें बमों से खत्म नहीं किया जा सकता।
ईरान ने यह भी रेखांकित किया कि विश्व को विज्ञान, गणित और ज्ञान के क्षेत्र में ईरानी विद्वानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में किसी भी सैन्य कार्रवाई से उसकी पहचान और विरासत को समाप्त करना संभव नहीं है।
इस बीच, ईरान की सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने भी अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी आक्रामक नीतियों के कारण खुद अपनी सेना को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता को नजरअंदाज कर ‘हॉलीवुड जैसी सोच’ के आधार पर फैसले लेना खतरनाक हो सकता है।
वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने हालिया बयान में संकेत दिया है कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ और आक्रामक कदम उठा सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों के करीब पहुंच चुकी है और कार्रवाई तेज की जाएगी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)