'विरोध करना मौलिक अधिकार': बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- प्रदर्शन में आपराधिक गतिविधि का भी संदेह

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है, लेकिन पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने से पहले प्रदर्शनकारियों की पृष्ठभूमि और आम जनता को होने वाली परेशानी पर विचार जरूरी है।

Monday, October 19, 2026 - 14:45
0
'विरोध करना मौलिक अधिकार': बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- प्रदर्शन में आपराधिक गतिविधि का भी संदेह

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि हालांकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने वाले व्यापक आदेश जारी करने से पहले प्रदर्शनकारियों की पृष्ठभूमि और आम जनता को होने वाली असुविधा जैसे पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को उन याचिकाओं पर जवाब देने का निर्देश दिया, जिनमें आरोप लगाया गया है कि शहर में हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया था।

अदालत वकील सावर देवरे की ओर से दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। इसमें पुलिस की कथित बर्बरता और उन लोगों को हिरासत में लेने का मुद्दा उठाया गया था, जो दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।

याचिका में मांग की गई थी कि पुलिस को निर्देश दिया जाए कि वह ऐसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में न ले। सोमवार को वकील गायत्री सिंह ने चार लोगों की ओर से एक आवेदन पेश किया। इन लोगों को पिछले हफ्ते एक शांतिपूर्ण मार्च में हिस्सा लेने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

सिंह ने बताया कि इन चारों को पूरे एक दिन तक हिरासत में रखा गया, फिर घर जाने को कहा गया, और बाद में उन्हें 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मिहिर देसाई ने दो अन्य लोगों के हलफनामे पेश किए, जिन्हें पुलिस ने उनके घरों से हिरासत में लिया था।

पीठ ने कहा, 'हर किसी को विरोध करने का अधिकार है। लेकिन यह विरोध शांतिपूर्ण होना चाहिए। हमने देखा है कि महाराष्ट्र में पुलिस ने काफी संयम बरता है। ऐसे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले लोगों की पृष्ठभूमि भी देखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। ऐसा न हो कि आम नागरिकों की आड़ में अपराधी इसमें शामिल हो जाएं।'

इस बीच, मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क (जहां पिछले हफ्ते विरोध प्रदर्शन हुए थे) के निवासियों की ओर से पेश हुए दो वकीलों ने आवेदन दाखिल किए। उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट का एक ऐसा आदेश मौजूद है, जो वहां इस तरह के किसी भी विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाता है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं और सरकार को इन शिकायतों पर भी जवाब देना होगा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर के लिए तय की है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User