रिफाइनरी मजदूरों ने आम हड़ताल के समर्थन में किया प्रदर्शन, श्रम संहिताओं को रद्द कराने के लिए काली पट्टी बांध कर जताया विरोध!
मथुरा (आरएनआई) देश की प्रमुख दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आज देश व्यापी आम हड़ताल के समर्थन में और रिफाइनरी में संविदा कर्मियों के शोषण तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध मथुरा रिफाइनरी के संविदा श्रमिकों ने दिन भर काली पट्टी बांधकर काम किया और शाम को रिफाइनरी के मुख्य द्वार पर जबरदस्त प्रदर्शन किया । चारों नई श्रम संहिताओं को रद्द करने और रिफाइनरी में सेवा सुरक्षा का अनुबंध करने की मांग को लेकर पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स मथुरा रिफाइनरी यूनिट के नेतृत्व में लगभग 700 संविदा श्रमिकों ने काली पट्टियां बांधकर काम ने आज आंदोलन में भाग लिया । प्रदर्शन का नेतृत्व यूनिट अध्यक्ष मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट ने किया ।

रिफाइनरी मुख्य द्वार पर हुई मजदूर सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ श्रमिक नेता कामरेड शिवदत्त चतुर्वेदी ने की । अपने संबोधन में शिवदत्त चतुर्वेदी ने नई श्रम संहिताओं को मजदूर हितों पर सरकार का कुठाराघात बताया । उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम एपस्टीन फाइल में आने पर सरकार से उनके इस्तीफे की मांग की और कहा कि दुनिया के सबसे बदनाम बाल यौन अपराधी के साथ उनके संबंधों का सच देश के सामने आना चाहिए ।

इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट ने कहा कि लाला लाजपत राय की हत्या के बदले सांडर्स की हत्या के बाद भगत सिंह फरार हो गए थे लेकिन मजदूर विरोधी ट्रेड डिस्प्यूट बिल के खिलाफ असेम्बली में बम फेंक कर उन्होंने खुद को अंग्रेज के हवाले करके अपना जीवन होम कर दिया था । मजदूर हितों के लिए संघर्ष हमारे राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत है लेकिन वर्तमान सरकार अडानी अंबानी और पूंजीपतियों की गुलामी करते करते मजदूरों की दुश्मन हो गई है । नई श्रम संहिताएं मजदूरों को गुलाम बनाने की कोशिश हैं । उन्होंने मथुरा रिफाइनरी के वर्तमान कार्यकारी निदेशक पर श्रमजीवी विरोधी होने और उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण होने का आरोप लगाया ।

सभा को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ( माले ) के जिला मंत्री जीसस चतुर्वेदी एडवोकेट ' उत्कर्ष ' , सांप्रदायिकता विरोधी समिति के राकेश रावत एडवोकेट, बनवारी लाल एडवोकेट, भानु प्रताप सिंह एडवोकेट के अलावा यूनियन के कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण लवानिया, रमेश पंडित, सरदार सिंह, मुंशीलाल, किसुनी, सुभाष आदि ने भी संबोधित किया । सभा का संचालन यूनियन के सचिव कामरेड जनक सिंह ने किया । कामरेड जनक सिंह ने कहा कि यदि मथुरा रिफाइनरी में संविदा श्रमिकों के शोषण और उत्पीड़न पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो शीघ्र ही आई ओ सी एल मुख्यालय पर डायरेक्टर रिफाइनरीज के कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा ।
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