महबूबा मुफ्ती ने जौहर यूनिवर्सिटी कार्रवाई पर योगी सरकार को घेरा, बयान से बढ़ा सियासी विवाद
नई दिल्ली। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने उत्तर प्रदेश में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना की है। उन्होंने इसे नफरत और बदले की राजनीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी शिक्षण संस्थान को निशाना बनाना उचित नहीं है।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी जैसे शिक्षा संस्थान को नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से विश्वविद्यालय के समर्थन में खड़े होने की अपील करते हुए कहा कि सरकारों को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।
उनका यह बयान उस समय आया है जब रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। प्राधिकरण का कहना है कि संबंधित भवनों का निर्माण आवश्यक स्वीकृतियों के बिना किया गया था और यह कार्रवाई कथित अवैध निर्माण के आधार पर की जा रही है।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि जिन भवनों का निर्माण हुआ था, उस समय यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं था। हालांकि, आरडीए ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। वर्ष 2006 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अधिनियम के तहत स्थापित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की प्रमुख परियोजनाओं में रही है और पिछले कुछ वर्षों से भूमि विवाद एवं अन्य कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रही है।
इस बीच महबूबा मुफ्ती के एक अन्य बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भी विवाद तेज हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने उन पर कश्मीर के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग को सही ठहराने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। इसके बाद इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
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