मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय का बड़ा आदेश: एक ही थाने और अनुभाग में वर्षों से जमे पुलिसकर्मियों के होंगे तबादले
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने एक बार फिर लंबे समय से एक ही थाने और अनुभाग में पदस्थ पुलिसकर्मियों के तबादले को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक Kailash Makwana ने आदेश जारी कर इंदौर, भोपाल, रेल पुलिस सहित प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
जारी आदेश के अनुसार किसी भी कर्मचारी की एक ही थाने में एक पद पर सामान्यतः चार वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष से अधिक पदस्थापना नहीं होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद किसी अधिकारी या कर्मचारी को उसी थाने में उसी पद पर दोबारा पदस्थ नहीं किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी को उसी थाने में अलग पद पर फिर से पदस्थ करना हो, तो कम से कम तीन वर्ष का अंतराल अनिवार्य रहेगा।
पुलिस मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक स्तर तक किसी भी कर्मचारी की एक ही अनुविभाग में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि दस वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आदेश में साफ कहा गया है कि इस अवधि में स्थानांतरण के साथ-साथ अटैचमेंट की समयावधि भी शामिल मानी जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल सभी थानों में पदस्थ आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों के सेवाकाल की समीक्षा करें और 1 जून 2026 से 5 जून 2026 के बीच स्थानांतरण आदेश जारी करें। इसके बाद कार्रवाई की रिपोर्ट सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक), पुलिस मुख्यालय भोपाल को भेजना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा जिन विवेचकों का तबादला किया जाएगा, उन्हें अपने पास लंबित जांच, मर्ग डायरी और अपराधों की केस डायरी अद्यतन स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी को सौंपनी होगी। साथ ही सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को 15 जून 2026 तक नई पदस्थापना वाले थानों में अनिवार्य रूप से जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में कहा है कि थाना स्तर पर पुलिस व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए यह जरूरी है कि लंबे समय से जमे कर्मचारियों का समय-समय पर स्थानांतरण किया जाए। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि जनता में शिकायतों की संभावना भी कम होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी वर्ष 2015, 2021 और 2025 में इसी तरह के आदेश जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 में किए गए तबादलों के बाद थाना स्तर पर शिकायतों और आरोपों में कमी देखने को मिली थी, लेकिन बाद में कुछ पुलिसकर्मियों की मौखिक आदेशों के जरिए फिर से वापसी हो गई थी। पुलिस मुख्यालय ने इस स्थिति को आदेशों की अवहेलना माना है और अब सख्त अमल के संकेत दिए हैं।
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