केरलम् में नई सरकार का गठन: वी.डी. सतीशन ने 20 मंत्रियों संग ली शपथ, सत्ता और विपक्ष ने साथ दिखाकर दिया लोकतांत्रिक मर्यादा का संदेश
केरलम् की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और यादगार अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस नेता V. D. Satheesan ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल Rajendra Arlekar ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ मंत्रिमंडल के 20 अन्य सदस्यों ने भी शपथ ग्रहण की। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, वर्ष 1962 के बाद यह पहला अवसर है जब केरल में पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली है।
शपथ ग्रहण समारोह केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने लोकतांत्रिक संस्कृति और राजनीतिक शालीनता की मिसाल भी पेश की। समारोह में Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra सहित कई राष्ट्रीय नेता मौजूद रहे। वहीं सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की मौजूदगी को लेकर रही, जिनकी सरकार को हालिया चुनाव में सत्ता से बाहर होना पड़ा था।
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शपथ ग्रहण मंच पर सत्ता और विपक्ष के नेताओं का एक साथ दिखाई देना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा का प्रतीक माना गया। नए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने खुद आगे बढ़कर पिनराई विजयन का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से हाथ मिलाने और परस्पर सम्मान के उस दृश्य ने समारोह में मौजूद लोगों की तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में Rajeev Chandrasekhar सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। इस मौके ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र केवल चुनावी जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि असहमति के बीच सम्मान बनाए रखने की संस्कृति भी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा दौर में, जब राजनीति में विरोधियों को अक्सर दुश्मन की तरह पेश किया जाता है, केरलम् का यह दृश्य लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और राजनीतिक मर्यादा की एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आया है।
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