अफसरशाही और सरकार के बीच समन्वय पर उठे सवाल, बयानबाज़ी से गरमाया सियासी माहौल
मध्यप्रदेश (आरएनआई) मध्यप्रदेश में सरकार और अफसरशाही के बीच तालमेल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सत्तापक्ष के ही विधायक और मंत्री यह कहने लगे हैं कि अफसर उनकी बात नहीं सुन रहे, जबकि दूसरी ओर मुख्य सचिव के स्तर से यह संदेश सामने आ रहा है कि मुख्यमंत्री स्वयं कह रहे हैं कि कई कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करते। इन विरोधाभासी बयानों ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि ब्यूरोक्रेसी, मुख्यमंत्री और पूरी कैबिनेट के बीच अपेक्षित समन्वय नजर नहीं आ रहा। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं मानो शासन-प्रशासन जनता के मुद्दों को गंभीरता से लेने के बजाय आपसी खींचतान में उलझा हुआ है। इससे आम लोगों में यह संदेश जा रहा है कि उनकी समस्याओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
फिलहाल मध्यप्रदेश की सियासत और प्रशासन ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता की अपेक्षाएं पीछे छूटती दिख रही हैं। आने वाले दिनों में सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और प्रशासनिक सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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