हिमाचल में बारिश और भूस्खलन से बढ़ीं मुश्किलें, 7 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश में 7 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि 20 जून से 1 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र की कोटीघाट पंचायत के रोपा वार्ड में शुक्रवार रात भारी बारिश के बाद भूस्खलन से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। मलबा और चट्टानें गिरने से स्थानीय निवासी रामानंद का घर रहने लायक नहीं रहा, जबकि बागवान ज्योतिराम के 35 सेब के पौधे नष्ट हो गए। कई अन्य बागवानों के सेब के बगीचों और डंगों को भी नुकसान पहुंचा है।
रामपुर बुशहर के डंसा क्षेत्र में आपदा प्रभावित सुंडा-सनेई सड़क पर शनिवार सुबह फिर भूस्खलन हुआ। अचानक गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक बैल की मौत हो गई, जबकि एक पिकअप वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे।
कांगड़ा जिले के धर्मशाला के पास चरान खड्ड पुल क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में आने से बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। इनमें से एक घायल ललित को गंभीर हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। वहीं शिमला में मुख्यमंत्री आवास ओकओवर के पास लगातार बारिश के बीच तीन पेड़ गिर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाकर रास्ता बहाल कराया।
मौसम विभाग ने रविवार को कांगड़ा और मंडी, जबकि सोमवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
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