शाहाबाद में एसडीएम–महिला लेखपाल विवाद ने पकड़ा तूल, एफआईआर की मांग के बीच बार का आंदोलन तेज
हरदोई(आरएनआई)। तहसील शाहाबाद में महिला लेखपाल, उनके अधिवक्ता पिता और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। महिला लेखपाल ने एसडीएम के खिलाफ कोतवाली शाहाबाद में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं बार एसोसिएशन शाहाबाद ने एसडीएम न्यायालय के बहिष्कार का ऐलान करते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच कराए जाने की बात कही है।
महिला लेखपाल पूजा द्वारा कोतवाली शाहाबाद में दी गई तहरीर के अनुसार, 6 जुलाई 2026 को शाम करीब 5:10 बजे उन्हें एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने अपने कार्यालय कक्ष में बुलाया। आरोप है कि बातचीत के दौरान एसडीएम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया तथा उनका हाथ पकड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर उन्होंने अपने पिता अधिवक्ता राकेश कुमार को फोन कर बुलाया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके पिता के कार्यालय पहुंचने पर उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें कार्यालय से बाहर कर दिया गया। महिला लेखपाल ने एसडीएम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद बार एसोसिएशन, तहसील शाहाबाद की आपात बैठक अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में घटना की निंदा करते हुए एसडीएम की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की गई। बार एसोसिएशन ने एसडीएम न्यायालय के बहिष्कार का ऐलान करते हुए उनके स्थानांतरण तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, उपजिलाधिकारी सुशील कुमार मिश्रा ने पत्रकारों के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके विरुद्ध लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने कहा कि महिला लेखपाल, उनके पिता तथा अन्य लोगों से जुड़े घटनाक्रम को तथ्यों से हटकर प्रस्तुत किया जा रहा है। पूरे प्रकरण का रिकॉर्ड प्रशासन के पास उपलब्ध है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील भी की।
फिलहाल शाहाबाद तहसील का यह विवाद प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच टकराव का विषय बना हुआ है। एक ओर महिला लेखपाल और बार एसोसिएशन एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर एसडीएम ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताया है। अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की जांच तथा उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।
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