शताक्षर (सौ अक्षर वाला) गायत्री मंत्र जानते है वास्तु शास्त्री सुमित्रा से

सेलिब्रिटी वास्तु शास्त्री डॉ सुमित्रा अग्रवाल, कोलकाता, यूट्यूब वास्तु सुमित्रा 

Monday, June 26, 2023 - 10:15
0
शताक्षर (सौ अक्षर वाला) गायत्री मंत्र जानते है वास्तु शास्त्री सुमित्रा से

शताक्षर (सौ अक्षर वाला) गायत्री मंत्र

ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भगोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् । त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धि पुष्टिवर्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीयमामृतात् । जात वेदसे | सुनवाम सोममरातीयतो निदहाति वेदः । रु नः पर्षदतिर्माणि विश्वा नावेव सिन्धुं दुरितात्यग्निः । 

गायत्री मंत्र से पाप निवारण :

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गोदेवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ 

हर सच्चे साधक के लिए चाहे वह किसी जाति, वर्ग अथवा मत का क्यों न हो, जिसमें इस मंत्र की शक्ति तथा महिमा के प्रति विश्वास हैं उसके लिए गायत्री मंत्र जीवनाधार है! गायत्री वेदों की माँ है तथा सारे पापों की विनाशक है। गायत्री के जप से वही फल मिलता है जो चारों वेदों तथा उनके अंगों के पाठ से। यदि इस एक ही मंत्र का जप भाव पूर्वक शुद्ध अंतःकरण से किया जाए तो उससे परम कल्याण की प्राप्ति होती है। श्रीमाता गायत्री की अनुकम्पा से दुस्तर संकटों का नाश हो जाता है एवं जन्मजन्मान्तर की दीनता का भी विनाश होता है। गायत्री माता में सभी देवों का निवास है अतः यह तापत्रय-विनाशिनी शक्ति है। गायत्री मंत्र सभी पापों का विनाश निम्नानुसार करता है :

ॐ - नेत्रों से किए हुए पाप को नाश करता है। 
तत् - ब्रह्महत्या जैसे पाप को जला देता है। 
स - गोहत्या जैसे पाप का नाश करता है। 
वि - स्त्री हत्या से जनित पाप का नाश करता है। 
तु - लिंग दोष कृत पाप का तत्क्षण नाश करता है।
र्व - मद्यपान से उत्पन्न पापों का नाश करता है।
रे - अगम्य स्त्रियों के गमन करने के पाप को जला देता है।
ण्यं - अभक्ष्य पदार्थों को खाने से हुए पाप को नष्ट करता है। 
भ - संसर्ग जनित पाप का शीघ्र अंत कर देता है।
र्गो - गुरु निन्दा जन्य पाप का क्षण भर में नाश करता है। 
दे - भाई को मारने के जैसे किए गए पाप का दहन करता है। 
व - शूद्र का अन्न खाने से जनित पाप का नाश करता है। 
स्य - पशु हत्या से जनित पाप का नाश करता है।
धी - बुद्धिदोष जन्य पाप का नाश करता है। 
म - झूठ बोलने के पाप से क्षण भर में छुड़ा देता है। 
हि - कर्मों की हानि से उत्पन्न पाप का नाश करता है।
धि - प्रतिग्रह जनित पाप का नाश करता है। 
यो - काम द्वारा कृत पाप का नाश करता है। 
यो - कुत्सा, निन्दादि जन्य पाप का नाश करता है।
नः - जलपान से किए पाप का नाश करता है। 
प्र - अन्नदोष जन्य पाप को विनिष्ट करता है। 
चो - इन्द्रियों द्वारा किए गए पाप का नाश करता है।
द - नाना दोष जनित पाप का शीघ्र नाश करता है। 
यात् - जन्म जन्मातर के पापों का नाश करता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User