जंतर-मंतर आंदोलन का 34वां दिन: इंटरनेट बंद, वांगचुक ने बातचीत के दिए संकेत, CJP ने दोहराई अपनी मांगें
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन 34वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आईं। वहीं, अनशन पर बैठे लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार के साथ बातचीत की संभावना के संकेत दिए हैं।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाते हैं, तो वे प्रदर्शनकारियों से फिलहाल आंदोलन स्थगित करने और सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील करेंगे। उनके इस बयान को आंदोलन में नरम रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने यह भी मांग की है कि नीट पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। संगठन का कहना है कि इन मांगों पर ठोस निर्णय होने के बाद ही आंदोलन वापस लेने पर विचार किया जाएगा।
इस बीच, आंदोलन को दिल्ली के बाहर भी समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन जोस में भी कुछ लोगों ने सोनम वांगचुक और आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किए।
आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्रवाई भी जारी है। पुलिस पहले ही विभिन्न घटनाओं के संबंध में कई एफआईआर दर्ज कर चुकी है और मामलों की जांच कर रही है। वहीं, जंतर-मंतर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
उधर, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनका उपचार डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम और सरकार की अगली रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)