खून से सने बैग और मासूमों की याद… शांति वार्ता से पहले ईरान का अमेरिका को भावनात्मक संदेश
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने शांति वार्ता से पहले एक बेहद भावनात्मक और प्रतीकात्मक संदेश दुनिया के सामने रखा है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व बाघर गालिबफ कर रहे हैं, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद रवाना हुआ। इस प्रतिनिधिमंडल को ‘मिनाब 168’ नाम दिया गया है, जो मिनाब में हमले में मारे गए 168 स्कूली बच्चों की याद को समर्पित है।
यात्रा के दौरान विमान में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को झकझोर दिया। खून से सने स्कूल बैग, बच्चों के जूते, सफेद फूल और पीड़ितों की तस्वीरें—ये सब उस त्रासदी की कहानी बयां कर रहे थे, जिसने मासूम जिंदगियों को छीन लिया। ये प्रतीक न केवल शोक प्रकट करते हैं, बल्कि युद्ध की मानवीय कीमत को भी दुनिया के सामने रखते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीर साझा करते हुए गालिबफ ने लिखा, “इस फ्लाइट में मेरे साथी #Miban168।” तस्वीर में वे बच्चों की यादों से जुड़े सामान को देखते हुए नजर आ रहे हैं, जो इस मिशन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
‘मिनाब 168’ नाम इस बात का संकेत है कि यह प्रतिनिधिमंडल सिर्फ कूटनीतिक वार्ता के लिए नहीं, बल्कि उन मासूमों की आवाज बनकर जा रहा है, जो इस संघर्ष का शिकार हुए। ईरान का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युद्ध को खत्म करना और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाना है।
वहीं, दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने भी इस संदेश को दोहराते हुए कहा, “हम मिनाब के बच्चों को कभी नहीं भूलेंगे।”
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