हरियाणा (आरएनआई)। राज्य के जीटी बेल्ट में पेट्रोल-डीजल आपूर्ति को लेकर स्थिति चिंताजनक बनती नजर आ रही है। करनाल सहित कई जिलों में तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप संचालकों की क्रेडिट लिमिट समाप्त कर दी है, जिसके चलते अब उधार पर ईंधन की आपूर्ति बंद कर दी गई है। पहले पंप संचालकों को पांच दिन का क्रेडिट मिलता था, लेकिन अब केवल नकद भुगतान पर ही तेल उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसका असर सबसे ज्यादा जींद जिले में देखने को मिला, जहां 20 से अधिक पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो गए हैं, जबकि 60 से ज्यादा पंपों पर सीमित स्टॉक ही बचा है। हालात ऐसे बन गए कि लोग बोतलों और डिब्बों में पेट्रोल भरवाकर ले जाते दिखाई दिए।
सोनीपत में भी सुबह के समय पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह फैलते ही पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने की बात सामने आई, लेकिन अफवाह के चलते कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में भी हालात प्रभावित हुए, जहां तीन पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल खत्म हो गया। अन्य पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी कौशल बूरा ने पुष्टि की कि रतिया के तीन पंप फिलहाल ड्राई हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
वहीं, तेल कंपनियों का कहना है कि कुल मिलाकर ईंधन की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, जहां अत्यंत आवश्यकता है, वहां सीमित रूप से उधार भी दिया जा रहा है। सामान्य परिस्थितियों में पांच दिन का क्रेडिट दिया जाता था, लेकिन फिलहाल नकद व्यवस्था लागू की गई है। कंपनियों का दावा है कि मांग के अनुसार आपूर्ति की जा रही है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।