हरदोई की धरती से उठी पुकार, गौमाता को दो राष्ट्रमाता का अधिकार
हरदोई (आरएनआई)। हरदोई की पुण्यभूमि रविवार को उस समय गौभक्ति और जनआस्था के स्वर से गुंजायमान हो उठी, जब गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत गौसेवकों और श्रद्धालुओं ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर विशाल जनजागरण रैली निकाली। श्रद्धा, संस्कृति और संवेदना से ओतप्रोत इस आयोजन ने नगरवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
नगर स्थित रामजानकी मंदिर में विधिवत आरती, पूजन और मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मंदिर प्रांगण में गौमाता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके उपरांत गौभक्तों का समूह भजन-कीर्तन करता हुआ नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ सदर तहसील पहुंचा, जहां जनभावनाओं से ओतप्रोत ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से गौभक्त दिव्यांशी सैनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गोवंश केवल पशु नहीं, बल्कि सेवा, समृद्धि, श्रद्धा और संस्कार का प्रतीक है। युगों से गौमाता भारतीय जीवन पद्धति, कृषि व्यवस्था और धार्मिक आस्था का केंद्र रही है, किंतु वर्तमान समय में गोवंश की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
ज्ञापन में मांग की गई कि गौमाता को राष्ट्रमाता का गौरव प्रदान किया जाए, गोवंश की सुरक्षा हेतु प्रभावी नीति बनाई जाए, गौसेवा के लिए पर्याप्त अनुदान एवं अनुसंधान की व्यवस्था हो, गौहत्या पर कठोर प्रतिबंध लगे तथा अवैध कत्लखानों को बंद कराया जाए। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान मिलने से गोवंश संरक्षण को नई दिशा और शक्ति प्राप्त होगी।
गौभक्तों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में गोवंश बीमारी, दुर्घटनाओं, भूख-प्यास और उपेक्षा के कारण दम तोड़ रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम न उठाए गए तो गोवंश के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने गोसंरक्षण को प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बताया।
इस अवसर पर दिव्यांशी सैनी, मृत्युंजया प्रतिभा, वैष्णवी, प्राची, विनीत गुप्ता, अनुप गुप्ता, संजीव गुप्ता, भवानी शर्मा, आकाश पंडित, अभि शर्मा इंजीनियर, नृपेंद्र सिंह, गौरव भदौरिया, अशोक सिंह सहित अनेक गौभक्त एवं गौप्रेमी उपस्थित रहे।
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