शिक्षा में तकनीक का समावेश जरूरी, लेकिन एआई पर अंधविश्वास नहीं : उमेश द्विवेदी

Wednesday, June 17, 2026 - 18:27
Updated: 2 months ago
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शिक्षा में तकनीक का समावेश जरूरी, लेकिन एआई पर अंधविश्वास नहीं : उमेश द्विवेदी

हरदोई (आरएनआई)। जनपद के अल्लीपुर स्थित पं. बाबूराम त्रिवेदी सरस्वती शिशु मंदिर में संचालित नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग में सोमवार को शिक्षा, शैक्षिक तकनीकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं साइबर सुरक्षा जैसे समसामयिक विषयों पर विस्तृत मंथन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षक एमएलसी एवं उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वित्तविहीन शिक्षक संघ हरदोई के जिलाध्यक्ष बादाम सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। अतिथियों का रोली-तिलक एवं बैच लगाकर स्वागत किया गया। जन शिक्षा समिति अवध प्रदेश के मंत्री कौशल किशोर वर्मा ने मुख्य अतिथि उमेश द्विवेदी को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, जबकि प्रशिक्षण प्रमुख उत्तम मिश्र ने बादाम सिंह का सम्मान किया।

मुख्य अतिथि उमेश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक केवल विषय विशेषज्ञ नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं। वर्तमान डिजिटल युग में शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ भारतीय संस्कारों और मूल्यों को भी समान महत्व देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण निर्माण करना है।

प्रथम शैक्षिक सत्र में रानोपाली अयोध्या के प्रधानाचार्य अतुल कुमार अवस्थी ने “शैक्षिक तकनीकी का उपयोग” विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर तथा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी एवं रुचिकर बना रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षण, ई-पुस्तकों, डिजिटल लाइब्रेरी, वीडियो आधारित शिक्षण एवं ऑनलाइन मूल्यांकन की उपयोगिता पर भी उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला।

द्वितीय सत्र में जन शिक्षा समिति अवध प्रदेश के प्रांतीय सोशल मीडिया प्रमुख विशाल बाजपेयी ने “एआई टूल्स एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता” विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ChatGPT, Gemini, Google Lens, DeepL Translator एवं Gamma AI जैसे उपकरण शिक्षकों के लिए पाठ योजना, प्रश्नपत्र, अनुवाद, नोट्स तथा प्रस्तुतीकरण तैयार करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई समय बचाने का सशक्त माध्यम है, लेकिन इसके माध्यम से प्राप्त जानकारी का सत्यापन आवश्यक है और इस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

साइबर सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA), यूपीआई सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट जैसी नई साइबर ठगी तथा फर्जी लिंक से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

तृतीय सत्र में लखनऊ संभाग के संभाग निरीक्षक श्याम मनोहर शुक्ल ने “प्रश्नपत्र निर्माण कौशल” विषय पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र केवल परीक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम क्षमता के मूल्यांकन का महत्वपूर्ण उपकरण है। प्रश्नपत्र निर्माण के दौरान विद्यार्थियों के स्तर, पाठ्यवस्तु की व्यापकता तथा शिक्षण उद्देश्यों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

दिन के प्रारंभिक सत्र में प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा आयोजित की गई, जबकि अंतिम सत्र में शारीरिक परीक्षा संपन्न हुई। प्रशिक्षणार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए शिक्षा के नवीन आयामों एवं तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर जन शिक्षा समिति अवध प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र बहादुर सिंह, उपाध्यक्ष एवं विद्यालय प्रबंधक शीर्षेन्दुशील त्रिवेदी ‘विपिन’, वर्गाधिकारी संतोष त्रिवेदी, सुधीर त्रिपाठी, प्रदेश निरीक्षक मिथिलेश कुमार अवस्थी, संभाग निरीक्षक रणवीर सिंह, कैलाश वर्मा, मिथिलेश सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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Laxmi Kant Pathak

Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)

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