मथुरा में भांग-शराब ठेकों पर नियमों की अनदेखी के आरोप, आबकारी विभाग पर सवाल
भानु प्रकाश
मथुरा (आरएनआई) जहां एक ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महीने में एक या दो बार मथुरा आते हैं वहीं जिला आबकारी कार्यालय ही मुख्यमंत्री महोदय के आदेशों को दरकिनार उन्हीं के आदेशों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का आदेश है कि भांग और शराब के ठेके 10 बजे से पहले किसी भी हाल में नहीं खुलने चाहिए वहीं मथुरा जनपद का इतना बुरा हाल है कि भाँग के ठेके सुबह 7 बजे ही खुल जाते हैं वहीं दूसरी ओर शराब के ठेकों के शटर नीचे डालकर शराब ब्लैक में बेची जाती है। इसकी सूचना एवं शिकायत ठेकों के फोटो खींचकर कर सबूत के साथ जब जिला आबकारी विभाग को दी जाती है तो इसकी सूचना तुरन्त शराब एवं भांग के ठेकेदारों को किस प्रकार पहुंच जाती है यह बात आज तक समझ में नहीं आई। इसके अलावा भांग के ठेकों पर भांग के अलावा दूसरी चीज नहीं बेची जा सकती है, जबकि इसके विपरीत इन ठेको पर दूषित ठंडाई, गुटखा, सिगरेट और कई सामान खुले आम बेचे जा रहे हैं। इस प्रकार का कार्य मण्डी चैराहा, जयगुरुदेव, फरह, होलीगेट, बंगाली घाट, आर्य समाज रोड, कृष्णापुरी, राया, गोकुल, महावन, गोवर्धन, जतीपुरा, वृन्दावन, छटीकरा, बल्देव, बरसाना, नन्दगांव सहित लगभग पूरे जनपद के ठेकों पर आबकारी विभाग की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है। जिलाआबकारी एवं उप आबकारी अधिकारियों द्वारा भांग और शराब के ठेकेदारों पर इतनी मेहरबानी क्यों की जा रहीं है इसके बारे में बताया जाता है कि इस विभाग को प्रत्येक ठेका एवं ठेकेदारों से हर महीने एक मोटी रकम दी जाती है। अब देखना है अब तक जितनी भी शराब पकड़ी गई वह पुलिस के द्वारा पकड़ी गई इस खबर का संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इन ठेकेदारों एवं आबकारी विभाग के विरुद्ध क्या कार्यवाही अमल में लाते हैं। और ऐसे लोगों द्वारा प्रदेश की जनता की जिन्दगी से किये जा रहे खिलवाड़ को रोकने हेतु क्या कदम उठाते हैं।
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