मथुरा में 15 करोड़ रुपये के साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा, ट्रस्ट और फाउंडेशन के खातों से होता था लेन-देन
मथुरा। (आरएनआई) साइबर थाना पुलिस ने कथित म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस जांच में भारतीय स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं में ट्रस्ट, फाउंडेशन और एक फर्म के नाम पर खोले गए खातों के माध्यम से देशभर में हुई साइबर ठगी की करीब **15 करोड़ रुपये** की रकम के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में इन खातों की जांच की गई। जांच में **जनकल्याण सेवा ट्रस्ट**, **सहयोग पब्लिक फाउंडेशन** और **एस एंड डी एंटरप्राइजेज** के नाम से संचालित खातों का कथित रूप से साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल होना सामने आया।
जांच में एक खाते में **करीब 13.01 करोड़ रुपये**, दूसरे में **48 लाख रुपये** और तीसरे में **1.17 करोड़ रुपये** के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। तीनों खातों में कुल मिलाकर लगभग **15 करोड़ रुपये** का ट्रांजेक्शन दर्ज मिला।
पुलिस ने बताया कि इन खातों के खिलाफ **राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)** पर देशभर से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हैं। इनमें एक खाते के खिलाफ **220**, दूसरे के खिलाफ **93** और तीसरे के खिलाफ **37 शिकायतें** दर्ज पाई गईं।
मामले में पुलिस ने मथुरा निवासी **पंकज कुंतल**, **वीरेंद्र कुमार**, प्रयागराज निवासी **अंकित त्रिपाठी** सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ तथा एक अन्य मुकदमे में **संदीप कुमार** और **धर्मेंद्र सिंह** के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं में दो एफआईआर दर्ज की हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि किसी खाते पर कार्रवाई या रोक लगने के बाद उसी नेटवर्क द्वारा दूसरा बैंक खाता खोलकर कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन जारी रखा जाता था।
फिलहाल साइबर थाना पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)