नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स पर कांग्रेस का हमला, बोली- सरकार छवि सुधारने की कोशिश कर रही
नई दिल्ली। परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार पहले गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने में विफल रही और अब नई समिति बनाकर अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जून 2024 में नीट-यूजी सहित कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की थी, जिसका उद्देश्य परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारु बनाना था।
उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई 2026 में नीट-यूजी और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के दोबारा सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए एक नई उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया है, जबकि पहले से मौजूद समिति की सिफारिशों पर प्रभावी ढंग से अमल नहीं किया गया।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को अब तक पूरी तरह लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024 और 2026 के बीच लगभग दो वर्षों तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में पूर्णकालिक महानिदेशक की नियुक्ति नहीं की गई।
जयराम रमेश ने कहा कि नई टास्क फोर्स का गठन परीक्षा सुधारों से अधिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि सुधारने की कवायद प्रतीत होता है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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