दिल्ली विधानसभा में मास्क पहनकर पहुंचे AAP विधायक, प्रदूषण के मुद्दे पर सदन में हंगामा
नई दिल्ली (आरएनआई)। दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ, लेकिन सत्र की शुरुआत ही वायु प्रदूषण के मुद्दे पर हंगामे के साथ हुई। आम आदमी पार्टी के विधायक मास्क पहनकर सदन में पहुंचे और दिल्ली में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए। हंगामे के चलते स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी और कुछ विपक्षी विधायकों को सदन से बाहर कर दिया गया।
एलजी के अभिभाषण के दौरान जब विपक्ष ने नारेबाजी और विरोध शुरू किया, तो स्पीकर ने कुलदीप कुमार, सोमदत्त और संजीव झा को सदन से बाहर निकालने के आदेश दिए। इस दौरान सदन में काफी देर तक शोरगुल का माहौल बना रहा। आम आदमी पार्टी ने कहा कि मास्क पहनकर विरोध करना दिल्ली में भयावह प्रदूषण की ओर सरकार का ध्यान खींचने का प्रतीकात्मक तरीका था।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते 10 महीनों में दिल्ली सरकार ने नागरिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष एक लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है और इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कई व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण, यमुना की सफाई और सड़कों की हालत जैसी पुरानी समस्याओं पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है, हालांकि इनका समाधान समय लेगा।
सदन से बाहर निकाले जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं और बच्चे तथा बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदूषण के मुद्दे पर न तो गंभीरता से काम कर रही है और न ही इस पर खुलकर चर्चा करना चाहती है। आतिशी ने दावा किया कि इस साल प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड पर सबसे अधिक है और केंद्र सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पंजाब में पराली जलाने में कमी आई है, फिर भी दिल्ली की हवा खराब बनी हुई है।
आतिशी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार एक्यूआई मॉनिटरों से छेड़छाड़ कर रही है और ग्रैप के नियमों को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा, जिसके चलते दिल्लीवासियों को मास्क पहनकर बाहर निकलना पड़ रहा है।
वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शीतकालीन सत्र को बेहद अहम बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस मंच का उपयोग दिल्ली की समस्याओं के समाधान के लिए करें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी विधायकों को बहस में भाग लेकर जनता के हित में समाधान खोजने चाहिए।
दिल्ली विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक चलेगा और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण और अन्य नागरिक मुद्दों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिलेगी।
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