ट्रंप ने क्यूबा को बताया ‘नाकाम देश’, कहा- रूस और चीन की मौजूदगी अमेरिका के लिए बड़ा खतरा
अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और विदेश मंत्री Marco Rubio ने क्यूबा को लेकर बेहद सख्त बयान दिए हैं। दोनों नेताओं ने क्यूबा को “नाकाम देश” बताते हुए कहा कि वहां रूस और चीन की बढ़ती मौजूदगी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका क्यूबा के लोगों की मदद करना चाहता है, लेकिन वह आतंकवाद और दुश्मन देशों के प्रभाव को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि क्यूबा इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। वहां बिजली की भारी कमी है, लोगों के पास पैसे नहीं हैं और खाने-पीने की वस्तुओं का भी संकट बना हुआ है।
ट्रंप ने कहा कि फ्लोरिडा में रहने वाले क्यूबा मूल के अमेरिकी अपने देश को दोबारा मजबूत और स्थिर देखना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई दशकों से अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा समस्या का समाधान खोजने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि वह इस मुद्दे को सुलझाने में सफल हो सकते हैं।
वहीं भारत रवाना होने से पहले मियामी एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने और भी तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि Cuba अमेरिका के तट से केवल 90 मील दूर है और वहां ऐसी सरकार मौजूद है जो अमेरिका के विरोधी देशों के साथ मिलकर काम कर रही है। रुबियो ने आरोप लगाया कि क्यूबा में Russia और China की खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं और वहां उनके हथियार सिस्टम भी मौजूद हैं।
रुबियो ने यह भी आरोप लगाया कि क्यूबा लैटिन अमेरिका में अस्थिरता फैलाने और आतंकवाद को बढ़ावा देने में भूमिका निभा रहा है। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने यह संकेत भी दिया कि क्यूबा के साथ बातचीत और कूटनीतिक समाधान के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का यह रुख अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, चीन-रूस की बढ़ती वैश्विक सक्रियता और आगामी राजनीतिक रणनीति से जुड़ा हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में अमेरिका और क्यूबा के रिश्तों में और तनाव देखने को मिल सकता है।
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