चरनोई भूमि को निजी दर्ज कराने के मामले में कलेक्टर ने की कार्यवाही

Tuesday, July 21, 2026 - 16:06
Updated: 13 days ago
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चरनोई भूमि को निजी दर्ज कराने के मामले में कलेक्टर ने की कार्यवाही

तहसील नरवर के ग्राम जैतपुर में शासकीय चरनोई भूमि को गलत तरीके से निजी नाम पर दर्ज कराने के एक मामले में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कार्यवाही की है। जिला मजिस्ट्रेट ने कलेक्टर न्यायालय में प्रचलित मामले में भूमि को वापस शासकीय दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

ग्राम जैतपुर के सर्वे क्रमांक 1589 में 3.13 हेक्टेयर चरनोई भूमि दर्ज थी। इसमें से 0.51 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2005 में व्यवस्थापन आदेश के जरिए मुनेश कुमार शर्मा के नाम दर्ज की गई थी। इसके बाद मुनेश कुमार ने यह भूमि वर्ष 2008 में किरण शर्मा को बेच दी, जबकि इस तरह की व्यवस्थापन भूमि को बेचने के लिए मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165 के अंतर्गत कलेक्टर की अनुमति लेना जरूरी होता है।परन्तु बिना अनुमति के यह जमीन बेची गई थी।इस मामले को जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय पत्र में लिखा गया था कि यह जमीन शासकीय पट्टे की नहीं है, जबकि राजस्व अभिलेख इसके विपरीत थे। इसके अलावा नामांतरण का आधार ग्राम पंचायत का ठहराव प्रस्ताव बताया गया जो पंचायत कार्यालय में उपलब्ध नहीं पाया गया।

कलेक्टर न्यायालय ने इस मामले में अपना निर्णय लिया है। शासन से व्यवस्थापन में मिली जमीन को बिना कलेक्टर की अनुमति के बेचना कानून के विरुद्ध है। इसलिए सर्वे क्रमांक 1589/3 रकबा 0.51 हेक्टेयर भूमि को वापस शासकीय दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। 

कलेक्टर ने तहसीलदार नरवर को संबंधित व्यक्ति को जमीन से बेकब्जा कर भूमि शासन के नाम सुरक्षित करने और बिना आदेश के नामांतरण करने वाले अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तहसीलदार नरवर को 7 दिन के भीतर पालन प्रतिवेदन कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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