ग्रामीण विरासत महोत्सव, नन्हे हाथों के हुनर ने मोहा सबका मन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
कछौना, हरदोई (आरएनआई) ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण और बाल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से 'एक पहल एक किरण सेवा समिति' द्वारा आयोजित नौ दिवसीय 'ग्रामीण विरासत महोत्सव 2026' के अंतर्गत वुधवार को एक भव्य हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल ग्रामीण कला की जीवंतता को प्रदर्शित किया, बल्कि स्थानीय बच्चों की छिपी हुई रचनात्मकता को एक बड़ा मंच भी प्रदान किया। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों और युवाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद रहे। नन्हे हाथों से बनाई गई मिट्टी की कलाकृतियां, बारीकी से तराशे गए लकड़ी के खिलौने और हाथ से बने सजावटी सामानों ने आगंतुकों को आश्चर्यचकित कर दिया। पारंपरिक पेंटिंग्स और पुराने सामानों (वेस्ट मटेरियल) से बनाए गए कलात्मक मॉडल्स ने दिखाया कि अवसर मिलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं किसी से कम नहीं हैं। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य ध्येय लुप्त हो रही ग्रामीण विरासतों को पुनर्जीवित करना है। प्रदर्शनी में रखी गई वस्तुओं में उत्तर प्रदेश की सोंधी मिट्टी और क्षेत्र की सांस्कृतिक झलक साफ तौर पर दिखाई दी। कार्यक्रम में आए अतिथियों ने बच्चों के कौशल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास भरते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देते हैं। 'एक पहल एक किरण सेवा समिति' के स्वयंसेवकों ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और कौशल विकास के लिए कार्य कर रही है। इस हस्तशिल्प प्रदर्शनी के माध्यम से इन उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने और बच्चों की कला को व्यावसायिक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। नौ दिवसीय इस महोत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह हस्तशिल्प प्रदर्शनी एक मील का पत्थर साबित हुई, जिसने न केवल दर्शकों का मन मोहा बल्कि "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र को भी सार्थक किया।
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