कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा: रसूख के आगे नहीं झुका कानून, मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार
कानपुर (आरएनआई)। कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से छह लोगों को टक्कर मारने के सनसनीखेज मामले में आखिरकार कानून ने अपना रास्ता बना लिया है। इस हादसे के मुख्य आरोपी और अरबपति तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के इकलौते बेटे शिवम मिश्रा को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे दिल्ली के एक अस्पताल से हिरासत में लिया, जहां वह इलाज के बहाने छिपा हुआ था।
हादसे के बाद से ही शिवम मिश्रा को बचाने के लिए किए गए प्रयास लगातार सवालों के घेरे में रहे। आरोप है कि घटना के तुरंत बाद उसे मौके से हटवा दिया गया और बाद में यह दावा किया गया कि लेम्बोर्गिनी वह नहीं, बल्कि कोई और चला रहा था। शुरुआती स्तर पर पुलिस को प्रभावित करने की कोशिशें भी सामने आईं, लेकिन जैसे-जैसे मामला गंभीर होता गया और इसकी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची, प्रशासनिक दबाव बढ़ता चला गया।
जांच के दौरान जब पूरे प्रकरण में अनियमितताओं की परतें खुलने लगीं, तो बचाव के लिए अपनाए गए हथकंडों ने विवाद को और गहरा कर दिया। यहां तक कि पुलिस कमिश्नर के आधिकारिक बयान को भी झूठा ठहराने की कोशिश की गई। इसी कड़ी में मंगलवार को एक नया मोड़ तब आया, जब कोर्ट में कथित ड्राइवर मोहन को सरेंडर कराकर हादसे की जिम्मेदारी उसी पर डालने का प्रयास किया गया। हालांकि, कोर्ट ने तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मोहन की अर्जी खारिज कर दी और साफ कर दिया कि वह इस मामले में आरोपी नहीं है।
कोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस की जांच और तेज हुई, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी संभव हो सकी। इस कार्रवाई के साथ ही यह संदेश साफ हो गया है कि चाहे कितना ही रसूख और ताकत क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब कानपुर पुलिस शिवम मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है, जबकि पूरे प्रदेश की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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