अनुच्छेद 370 हटने के सात साल: राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तेज, सियासी बयानबाजी हुई तेज
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने पर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराई, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीडीपी ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए विकास और सुरक्षा के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पुंछ जिले के सुरनकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि राज्य का दर्जा बहाल कर उनकी लोकतांत्रिक और प्रशासनिक चिंताओं का समाधान किया जाएगा, लेकिन सात साल बाद भी यह मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर चुकी है और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर भी कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस मौजूदा स्थिति को अंतिम नहीं मानती और जम्मू-कश्मीर से जुड़े उन फैसलों की समीक्षा की पक्षधर है, जिनसे लोगों के अधिकारों और पहचान पर असर पड़ा है।
वहीं भाजपा ने अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे जम्मू-कश्मीर में विकास, निवेश, पारदर्शी शासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार क्षेत्र के समग्र विकास और जनता के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग, राजनीतिक अधिकारों और विकास के मुद्दे पर एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)