सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग पर फिसले विभागों पर डीएम सख्त, नोटिस और प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश
हाथरस (आरएनआई) जनपद की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जलाधिकारी अतुल वत्स ने विकास कार्यों में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।समीक्षा बैठक में जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आई0डी0, पंचायती विभाग के अंतर्गत 15वां वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग, मत्स्य सम्पदा योजना, पोषण अभियान, सेतु निर्माण, नई सड़कों के निर्माण, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की रैंकिंग खराब होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करते हुए कारण बताओ नोटिस/विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। सेतु निर्माण के अंतर्गत जारी धनराशि के सापेक्ष व्यय की गई धनराशि मानक के अनुरूप न होने पर उन्होंने तीन सदस्यीय टीम गठित करने तथा गठित टीम को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य संपादित करें, जिससे आगामी समीक्षा में जनपद की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार परिलक्षित हो सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड शासन की निगरानी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके जरिए विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन किया जाता है। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति की जाए। किसी भी विभाग की कमजोर रैंकिंग केवल उस विभाग तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका प्रभाव जनपद की समग्र रैंकिंग एवं छवि पर भी पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों में लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करें, डाटा फीडिंग एवं ऑनलाइन प्रविष्टियों को समय से अद्यतन रखें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करें। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)