राजधानी में बढ़ता आवारा कुत्तों का आतंक, सिस्टम की सुस्ती का खामियाजा भुगत रहे लोग
Lucknow समेत राजधानी के कई इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि लोग अब सिर्फ रात में ही नहीं, बल्कि दिन के समय भी घर से निकलने में डर महसूस कर रहे हैं। शहर के अलग-अलग मोहल्लों, बाजारों और कॉलोनियों से कुत्तों के झुंड द्वारा लोगों, खासकर बच्चों पर हमले की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की तैयारियां फाइलों तक ही सिमटी हुई हैं, जबकि जमीन पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और सुबह-शाम टहलने निकलने वाले लोग सबसे ज्यादा दहशत में हैं।
कई इलाकों में कुत्तों के झुंड बाजारों और गलियों में राहगीरों का पीछा करते दिखाई देते हैं। लोगों का आरोप है कि नसबंदी और वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके कारण आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या का स्थायी समाधान केवल पकड़ने या हटाने से नहीं, बल्कि प्रभावी नसबंदी, नियमित टीकाकरण और ठोस शहरी पशु प्रबंधन नीति से ही संभव है। वहीं नागरिकों का कहना है कि जब तक प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक लोगों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।
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