परिसीमन पर सियासत तेज: मनीष तिवारी का सरकार पर निशाना, बोले—यह काम आयोग का, सरकार का नहीं
प्रस्तावित परिसीमन को लेकर राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने स्पष्ट कहा कि संसदीय सीटों का निर्धारण करना सरकार का नहीं, बल्कि परिसीमन आयोग का अधिकार क्षेत्र है।
तिवारी ने यह टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के जवाब में की, जिसमें उन्होंने परिसीमन के संभावित प्रभावों को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करने की कोशिश की थी, खासकर दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व को लेकर।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर पारदर्शिता से काम नहीं कर रही है। उन्होंने संविधान के उस मूल सिद्धांत का हवाला दिया, जिसमें ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ की बात कही गई है। तिवारी के अनुसार, यदि परिसीमन पूरी तरह जनसंख्या के आधार पर किया गया, तो अधिक जनसंख्या वृद्धि वाले राज्यों को ज्यादा सीटें मिलेंगी, जबकि जनसंख्या नियंत्रण में सफल राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण के मुद्दे का इस्तेमाल कर परिसीमन प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। तिवारी के मुताबिक, 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को अब लागू करने की प्रक्रिया और परिसीमन को साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन पर असर पड़ेगा।
तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया, तो इसके दूरगामी राजनीतिक और संवैधानिक परिणाम हो सकते हैं।
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