घर-घर तक पहुँचेगा मानवाधिकार आयोग, पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा— पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी
पटियाला (आरएनआई) पंजाब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मानवाधिकार आयोग (पी.एस.एच.आर.सी.) के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने आज पटियाला में मानवाधिकार जागरूकता और लोगों की शिकायतों के निवारण संबंधी एक खुली सुनवाई का कैंप लगाया। इस अवसर पर शंटी ने ज़ोर देकर कहा कि मानवाधिकार आयोग राज्य भर में घर-घर तक पहुँच बनाकर किसी भी प्रकार से पीड़ितों के मानवाधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए निरंतर काम कर रहा है।
पद्मश्री शंटी ने मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों के लिए आयोग का व्हाट्सऐप नंबर 9855475547 जारी करते हुए कहा कि यदि कहीं भी मानवाधिकारों का हनन होता है, तो इस संबंध में लिखित शिकायत आयोग को दी जाए, जिस पर दो दिनों के भीतर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
आयोग सदस्य जतिंदर सिंह शंटी ने जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालीआ की ओर से ए.डी.सी. शहरी विकास नवरीत कौर सेखों, एस.पी. सिटी पलबिंदर सिंह चीमा, केंद्रीय जेल के सुपरिटेंडेंट गुरचरन सिंह ढालीवाल, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत, बिजली तथा अन्य विभागों के अधिकारियों सहित पटियाला की सामाजिक सेवा संस्थाओं (एन.जी.ओ.) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और पीड़ितों की शिकायतें भी सुनीं।
इस अवसर पर शंटी ने बताया कि आयोग राज्य भर के सभी जिलों में 15-सदस्यीय कोर ग्रुप का गठन कर रहा है, जिसमें जिले की सामाजिक सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा और हर जिले में आयोग की एक शाखा खोली जाएगी, ताकि पीड़ितों को तुरंत न्याय दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कोर ग्रुप बनाने वाला पंजाब देश का पहला आयोग बन रहा है। इससे पहले उन्होंने सरकारी राजिंदरा अस्पताल का अचानक दौरा किया और वहाँ की इमरजेंसी, एंबुलेंस सेवाओं सहित अन्य पहलुओं का निरीक्षण किया।
पद्मश्री शंटी ने मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मानवाधिकार और अधिक बेहतर बनाने के लिए एन.जी.ओ. से सुझाव भी लिए। ए.डी.सी. नवरीत कौर सेखों, एस.पी. पलविंदर सिंह चीमा और नगर निगम के संयुक्त कमिश्नर मनरीत राणा ने आश्वासन दिया कि आयोग के निर्देशों की पूरी तरह से पालना की जाएगी। इस मौके पर अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य इस्लाम अली, मानवाधिकार आयोग सदस्य के सचिव बलदेव सिंह समेत बड़ी संख्या में पटियाला की एन.जी.ओ. के सदस्य मौजूद थे।
पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने पटियाला जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए लोगों को न्याय दिलाने के लिए और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए तथा एन.जी.ओ. की प्रशंसा करते हुए जिला प्रशासन को इन सामाजिक सेवा संस्थाओं का सहयोग करने के लिए भी कहा।
जतिंदर सिंह शंटी ने बताया कि पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी सलाहों को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके तहत अब कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल किसी मरीज या मृतक के शरीर को बिल भुगतान न होने पर नहीं रोक सकेगा। इसके अलावा हर अस्पताल में अनिवार्य रूप से उपयुक्त शवगृह सुविधा और एंबुलेंस वैन सेवाएँ प्रदान करना शामिल है।
उन्होंने बताया कि लावारिस या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के अंतिम संस्कार/दफ़न के लिए सहायता सुनिश्चित करने हेतु भी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गाँवों में शव रखने के लिए मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध करवाने, सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण—जूते, दस्ताने, सैनिटाइज़र—और बीमा सुविधाएँ देने के निर्देश भी जारी हुए हैं। इसके अलावा, 112 पर कॉल कर गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाने वाली एंबुलेंस के लिए पुलिस पायलट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जतिंदर सिंह शंटी ने 1947 के कत्लेआम, भोपाल गैस त्रासदी और 1984 के सिख नरसंहार का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में मानवाधिकार आयोग की अनुपस्थिति के कारण ही पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका, परंतु अब ऐसा नहीं होगा।
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