ऊर्जा संकट के बीच भारत को अर्जेंटीना का सहारा, LPG आपूर्ति बढ़ाकर बढ़ाया सहयोग
ब्यूनस आयर्स (आरएनआई)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है, खासकर एलपीजी आयात पर, जो बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र पर निर्भर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से देश में संभावित कमी की आशंका बनी हुई है। ऐसे समय में हजारों किलोमीटर दूर स्थित दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना ने भारत की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और एलपीजी आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
भारत जहां अपने ऊर्जा स्रोतों को 40 से अधिक देशों तक विस्तारित करने की रणनीति पर काम कर रहा है, वहीं अर्जेंटीना एक नए लेकिन अहम साझेदार के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही अर्जेंटीना ने भारत को लगभग 50,000 टन एलपीजी का निर्यात किया है, जो पूरे वर्ष 2025 में किए गए 22,000 टन के निर्यात से दोगुने से भी अधिक है। इनमें से करीब 39,000 टन एलपीजी संघर्ष बढ़ने से पहले ही बाहिया ब्लैंका बंदरगाह से भारत पहुंच चुका था, जबकि 5 मार्च को अतिरिक्त 11,000 टन की खेप भेजी गई।
गौरतलब है कि वर्ष 2024 से पहले अर्जेंटीना भारत को एलपीजी की आपूर्ति नहीं करता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को तेजी से मजबूत किया है। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसिनो ने कहा कि उनके देश के पास गैस के पर्याप्त भंडार हैं और भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अर्जेंटीना की राष्ट्रीय तेल और गैस कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भारत का दौरा कर चुके हैं और भारतीय ऊर्जा कंपनियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
राजदूत कौसिनो ने भारत सरकार की ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की नीति की सराहना करते हुए इसे दूरदर्शी और सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात भारत और अर्जेंटीना के बीच ऊर्जा साझेदारी को और मजबूती देंगे, जिससे दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
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