इंदौर में ₹40 करोड़ की शासकीय जमीन पर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश नाकाम, भूमाफिया पर FIR

Thursday, July 30, 2026 - 17:23
Updated: 11 hours ago
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इंदौर में ₹40 करोड़ की शासकीय जमीन पर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश नाकाम, भूमाफिया पर FIR

इंदौर जिले में भूमाफियाओं एवं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में इंदौर जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की गई है। तहसील एवं अनुभाग मल्हारगंज क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित करने के प्रयास का खुलासा होने पर संबंधित भूमाफिया के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए अतिक्रमण हटाने तथा बेदखली की कार्रवाई की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मल्हारगंज एवं तहसीलदार मल्हारगंज द्वारा ग्राम सिरपुर स्थित शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 33, रकबा 2.711 हेक्टेयर का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि उक्त भूमि वर्तमान राजस्व अभिलेखों के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के नाम दर्ज है।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अज्जू खां पिता भूरु खान, निवासी 17 सम्राट नगर द्वारा शासकीय भूमि को अपनी निजी भूमि सर्वे क्रमांक 37/1 बताकर छोटे-छोटे भूखंड तैयार किए गए तथा नोटरी के माध्यम से उनका विक्रय कर "न्यू लक्ष्मी नगर" नाम से अवैध कॉलोनी बसाने का प्रयास किया जा रहा था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सर्वे क्रमांक 37/1 की भूमि सिद्धनाथ मिश्रीलाल पिता गणपत के नाम दर्ज है तथा उसका स्वामित्व अज्जू खां के नाम पर नहीं है। इसके बावजूद शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा देकर उसे निजी भूमि के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा था। उक्त शासकीय भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 40 करोड़ रुपये है।

प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए अज्जू खां पिता भूरु खान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 316(5) के अंतर्गत थाना चंदननगर में दिनांक 27 जुलाई 2026 को अपराध पंजीबद्ध कराया गया है।

स्थल निरीक्षण के दौरान शासकीय भूमि पर जरीना बी पति अनवर, बबली पति कैलाश तथा यासमीन मंसूरी पति साकिर द्वारा टीनशेड से निर्मित मकानों में निवास किया जाना पाया गया। इनके विरुद्ध राजस्व प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार बेदखली के आदेश पारित किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि इसी क्षेत्र में पूर्व में 4 मई 2026 को अली मोहम्मद, वसीम पठान, शाहरुख कुरैशी, साबरी नबी, गिरीश अखंडे, अनवर, फरहाबी एवं शाहिदा सहित अन्य व्यक्तियों द्वारा शासकीय भूमि पर छोटे-छोटे भूखंड बनाकर की जा रही फेंसिंग एवं अतिक्रमण को नगर निगम की रिमूवल टीम तथा पुलिस प्रशासन के सहयोग से हटाया गया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित भूमाफिया द्वारा लगभग 100 से अधिक प्लॉट करीब 5 लाख रुपये प्रति प्लॉट की दर से विक्रय किए गए, जिससे आम नागरिकों के साथ 5 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने के तथ्य प्रकाश में आए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुरूप शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने, भू-माफियागिरी करने तथा आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रहा है।

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