संसद में निष्क्रियता पर सवाल: महेंद्र सिंह सोलंकी के प्रदर्शन पर उठी चिंता
देवास (आरएनआई) शाजापुर संसदीय क्षेत्र की जनता ने भीषण गर्मी की तपती दोपहरी में लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का उपयोग किया था। उस समय हर मतदाता के मन में एक ही उम्मीद थी—उनका चुना हुआ प्रतिनिधि संसद में उनकी आवाज मजबूती से उठाएगा। किन्तु, हाल ही में राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समाचार पत्र पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी का संसदीय प्रदर्शन शून्य के आसपास दर्ज होना गंभीर चिंता का विषय है। न प्रश्न, न बहस, न ही क्षेत्रीय मुद्दों पर कोई ठोस पहल—यह स्थिति सीधे तौर पर जनादेश के अपमान की ओर संकेत करती है। सबसे बड़ा प्रश्न यही खड़ा होता है—क्या सांसद महोदय संसद में केवल उपस्थिति दर्ज कराने और समय व्यतीत करने के लिए जाते हैं? जनता को क्या पता था कि जिस जनप्रतिनिधि को वह भीषण गर्मी में लाइन में खड़े होकर चुन रही है, वही प्रतिनिधि संसद में जाकर मौन साध लेगा। यह केवल निष्क्रियता नहीं, बल्कि उस विश्वास के साथ अन्याय है, जो जनता ने अपने वोट के माध्यम से जताया था।
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