विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने गुरुद्वारा भजनगढ़ साहिब में टेका माथा, बेअदबी बिल पर गवर्नर की मुहर की पुष्टि
बठिंडा (आरएनआई) 13 अप्रैल, 1699 को दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ बनाया था। उस ऐतिहासिक दिन गुरु साहिब ने जाति, वर्ग और भेदभाव को खत्म किया और 'पंज प्यारे' को अमृत पिलाकर खालसा बनाया। खालसा को 'सवा लाख एक योद्धा' का वचन देते हुए गुरु साहिब ने उनसे ज़ुल्म के खिलाफ लड़ने, सच्चाई और धर्म की रक्षा करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने को कहा। ये शब्द पंजाब विधानसभा के स्पीकर एस. कुलतार सिंह संधवान ने कहे। यह बात उन्होंने आज लोकल गुरुद्वारा भजनगढ़ साहिब में खालसा सिरजना दिवस (वैशाखी) के मौके पर रखे गए श्री अखंडपाठ के भोग के दौरान संगत को संबोधित करते हुए कही।
एस. संधवान ने इस मौके पर अपील करते हुए कहा कि वैसाखी के पवित्र दिन पर हमें गुरु साहिब के दिखाए गए सबकी भलाई, भाईचारे और सामाजिक बराबरी के संदेश को अपनी ज़िंदगी में ज़रूर अपनाना चाहिए और साथ ही राज्य में शांति, खुशहाली और इंसाफ़ पर आधारित समाज बनाने के लिए पूरी तरह से कमिटेड रहना चाहिए।
इस मौके पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर एस. कुलतार सिंह संधवान ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार की तरफ़ से पंजाब विधानसभा में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों को सज़ा देने के बारे में जो बिल लाया गया था, वह बिल गवर्नर के पास भेजा गया था। इस बिल पर पंजाब के गवर्नर ने साइन कर दिए हैं और अब धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों को कानून के मुताबिक सज़ा मिलेगी। इस मौके पर गुरुद्वारा एडमिनिस्ट्रेटर समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
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