मानसून का कहर: कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, असम में 11 और नगालैंड में 9 की मौत
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्य प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, असम में बाढ़ के कारण एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। नगालैंड के मोन जिले में लगातार बारिश से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में नौ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार अन्य अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव दल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।
असम में बाढ़ की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां 3.60 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, बिस्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के 758 गांव जलमग्न हैं। ब्रह्मपुत्र, डिकोह, देसांग और धनसिरी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। अब तक नौकाओं की मदद से 9,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राज्य में 52 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 12,720 से अधिक विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है।
भारी बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। ऊपरी असम के कई इलाकों में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण लगातार दूसरे दिन रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द किया है, कुछ के मार्ग बदले हैं और यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं।
बाढ़ का कृषि क्षेत्र पर भी व्यापक असर पड़ा है। एएसडीएमए के अनुसार लगभग 14,411 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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