पर्यावरणीय विरासत को सहेजने की पहल, ककराखेड़ा तालाब का डीएम ने किया निरीक्षण

Tuesday, June 2, 2026 - 20:25
Updated: 2 months ago
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पर्यावरणीय विरासत को सहेजने की पहल, ककराखेड़ा तालाब का डीएम ने किया निरीक्षण

हरदोई (आरएनआई) जनपद की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहरों में शामिल बिलग्राम तहसील के ककराखेड़ा गांव स्थित कछुआ तालाब के संरक्षण और विकास को लेकर जिलाधिकारी अनुनय झा मंगलवार को स्वयं मौके पर पहुंचे और तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को संरक्षण, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण में तालाब के जल में प्लास्टिक कचरा, गंदगी तथा बड़े पैमाने पर फैली जलकुंभी दिखाई दी। जिलाधिकारी ने कहा कि इन परिस्थितियों से न केवल जल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि तालाब में रहने वाले कछुओं और अन्य जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास भी संकट में पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सफाई अभियान चलाकर जलकुंभी हटाने तथा तालाब के आसपास उगी झाड़ियों की कटाई कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने तालाब की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, पर्यावरणीय महत्व, जलवैज्ञानिक स्थिति और यहां मौजूद जलीय जैव विविधता के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कछुआ तालाब क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि तालाब के आसपास जल गुणवत्ता में गिरावट के कारणों का विस्तृत अध्ययन किया जाए। साथ ही सीवेज और नालियों के प्रवाह, ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रदूषण, जलकुंभी के बढ़ते विस्तार, दुर्गंध और संभावित अतिक्रमण की स्थिति का भी आकलन कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए।

जिलाधिकारी ने तालाब के किनारों को दुरुस्त करने, जल को स्वच्छ बनाए रखने और कछुओं के संरक्षण के लिए विशेष उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब तक पहुंचने वाले मार्ग को इंटरलॉकिंग सड़क से विकसित किया जाए, जिससे यहां आने-जाने में सुविधा हो और क्षेत्र का समुचित विकास सुनिश्चित हो सके।

साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कछुआ तालाब के सौंदर्यीकरण की विस्तृत डिजाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि संरक्षण और विकास के समन्वित प्रयासों से यह तालाब पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र भी बन सकता है।

निरीक्षण के दौरान प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, उपजिलाधिकारी बिलग्राम, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम, फाउंडेशन इंडिया के प्रतिनिधि शैलेन्द्र, एचसीएल के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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Laxmi Kant Pathak

Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)

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