नीट विवाद: फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के बाद सियासत तेज, संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता सरकार के पक्ष में खुलकर सामने आए हैं।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी दल लगातार संसद के भीतर और बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को राहुल गांधी और विपक्ष को संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आगे आने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं से जुड़े हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन में बहस से नहीं बचना चाहिए।
नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस निर्णय का स्वागत किया, जिसमें पेपर लीक के मामलों में शामिल आरोपियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना चाहती है।
भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है और संसद में चर्चा से बच रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और एनडीए सरकार नीट सहित सभी मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
वहीं, विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
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