जेंडर ट्रांस्फरमेटिव शिक्षा के माध्यम से ही आएगा शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक बदलाव, UTGAN के गठन में हुई चर्चा

Feb 26, 2026 - 12:18
Feb 26, 2026 - 15:49
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जेंडर ट्रांस्फरमेटिव शिक्षा के माध्यम से ही आएगा शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक बदलाव, UTGAN के गठन में हुई चर्चा
जेंडर ट्रांस्फरमेटिव शिक्षा के माध्यम से ही आएगा शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक बदलाव, UTGAN के गठन में हुई चर्चा

लखनऊ, 10 फरवरी।  उत्तर प्रदेश राज्य में बालिका शिक्षा को अधिक समान, गुणवत्तापूर्ण और
परिवर्तनकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ गर्ल
एजुकेशन एलायंस नेटवर्क (UTGAN) का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को लखनऊ में किया गया।
यह नेटवर्क राज्य में बालिका शिक्षा पर कार्यरत नागरिक समाज संगठनों (CSOs) का एक सहयोगी
मंच है, जो जेंडर ट्रांसफोरमेटिव एजुकेशन के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक और प्रणालीगत
बदलाव लाने के उद्देश्य से गठित किया गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए स्वतालीम फाउंडेशन के सह संस्थापक वैभव कुमार ने UTGAN की
यात्रा बताते हुए सभी संस्थानों के मंच पर आने को एक सुनहरा अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि
सामाजिक संस्थानों के सामूहिक प्रयास से सरकार द्वारा करे जा रहे किशोरियों की शिक्षा और लैंगिक
समानता के प्रयासों को बल मिलेगा और बदलाव की दिशा में यह एक सकारात्मक पहल साबित
होगा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. पवन सचान, संयुक्त निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण
परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश, ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा में
वास्तविक बदलाव केवल नामांकन तक सीमित नहीं रह सकता है और इसके लिए UTGAN जैसे
समूहों को आगे आ कर साथ मिल कर कार्य करने की ज़रूरत है। डॉ. पवन सचान के अनुसार
बालिका शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब पाठ्यक्रम, शिक्षण प्रक्रिया और सामाजिक
सोच—तीनों में समानांतर बदलाव हो।उन्होंने यह भी कहा कि जेंडर ट्रांस्फरमेटिव शिक्षा के माध्यम से
ही शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक आएगा।
इस अवसर पर ‘जेंडर ट्रांसफोरमेटिव शिक्षा में सिद्धांत से व्यवहार’ पर एक पैनल चर्चा का आयोजन
हुआ,जिसमें उत्तर प्रदेश में शिक्षा के माध्यम से एक लैंगिक समान प्रदेश की परिकल्पना को लेकर
चर्चा की गयी | इसमें वैश्विक उदाहरणों और शोध से निकाली गयी प्रणालियों को लेकर, उत्तर प्रदेश
के परिपेक्ष्य में कैसे उतारा जा सकता है और कैसे सामूहिक प्रयास से लैंगिक विषमता को जड़ से
समाप्त किया जा सकता है इस पर भी चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते
हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि सामजिक संगठन अगर सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाए तो
प्रयास और प्रभावशाली होगा और UTGAN जैसे समूह इसमें एक प्रभावकारी भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान UTGAN के चार्टर का औपचारिक विमोचन किया गया , जिसमें नेटवर्क की साझा
दृष्टि और आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई| इस अवसर पर डॉ. अनन्या तिवारी, सह-संस्थापक,
स्वातलीम फाउंडेशन, ने सभी सहभागी संगठनों को इस सहयोगी पहल के लिए बधाई दी और कहा
कि यह प्रयास उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को लेकर एक नई सोच और दिशा प्रस्तुत करता है।
UTGAN आने वाले वर्षों में शोध, नीति संवाद और जमीनी स्तर पर कार्य के माध्यम से उत्तर प्रदेश
में बालिका शिक्षा के क्षेत्र में एक सहयोग आधारित मॉडल विकसित करेगा, जो राज्य और राष्ट्रीय
स्तर पर उदाहरण बनेगा।
इस सहयोगी नेटवर्क में स्वातलीम फाउंडेशन, पीरामल फाउंडेशन, यूनिसेफ, स्टडी हॉल एजुकेशनल
फाउंडेशन, एजुकेट गर्ल्स, एक्शनऐड , प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन और मिलान फाउंडेशन शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के अधिकारी, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय CSO प्रतिनिधि, शिक्षाविद
और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।

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