गुना के ODOP उत्पादों पर कलेक्टर की समीक्षा, स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान
जिले में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के अंतर्गत प्रस्तावित उत्पादों के अंतिम निर्धारण एवं सुझावों के संबंध में बुधवार को कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अभिषेक दुबे सहित उद्यानिकी, कृषि, वन, पर्यटन, पशुपालन, एमएसएमई, मत्स्य, कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) द्वारा जिले के लिए प्रस्तावित विभागवार ODOP उत्पादों की सूची पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों एवं परीक्षण के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा अंतिम अनुशंसाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिन्हें शासन को प्रेषित किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत पिंक थाई अमरूद, धनिया एवं गुलाब उत्पाद, कृषि विभाग में चना, चिया सीड एवं मक्का, वन विभाग में तेंदूपत्ता एवं शहद, पर्यटन विभाग में बजरंगगढ़ किला, हनुमान टेकरी, बीस भुजा माता मंदिर, माँ निहाल देवी मंदिर, गोपी कृष्ण सागर डैम एवं चांचौड़ा का चंपावती किला, पशुपालन विभाग में मालवी, साहीवाल एवं गिर गाय के दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद, कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग विभाग में गोबर उत्पाद, धूपबत्ती, गमले एवं ईको-फ्रेंडली सजावटी उत्पाद, एमएसएमई विभाग में गेहूं प्रसंस्करण, तेल निष्कर्षण इकाइयाँ, मसाला प्रसंस्करण तथा कोल्ड स्टोरेज एवं वेयरहाउसिंग, मत्स्य विभाग में कार्प मछली तथा ODOC–सिग्नेचर फूड के रूप में दाल पनिया एवं सोन पापड़ी को शामिल करने संबंधी अनुशंसाओं पर सहमति व्यक्त की गई।
कलेक्टर ने कहा कि जिले की ODOP अनुशंसाएं स्थानीय उपलब्धता, औद्योगिक एवं निर्यात संभावनाओं, मूल्य संवर्धन, GI टैग की संभावना, PMFME, Districts as Export Hub (DEH), ODOC तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाएं, ताकि जिले के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।
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