‘सिर्फ जन्मजात अमेरिकी ही संभालें सत्ता’: अमेरिकी संसद में नए प्रस्ताव पर बवाल, विपक्ष ने बताया भेदभावपूर्ण
अमेरिका में नागरिकता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। रिपब्लिकन सांसद Nancy Mace द्वारा पेश किए गए एक संवैधानिक संशोधन प्रस्ताव ने अमेरिकी राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि जो लोग जन्म से अमेरिकी नागरिक नहीं हैं और बाद में कानूनी प्रक्रिया के जरिए अमेरिकी नागरिक बने हैं, उन्हें कांग्रेस सदस्य, संघीय न्यायाधीश और सीनेट की मंजूरी वाले बड़े सरकारी पदों पर नियुक्ति से रोका जाए।
इस प्रस्ताव के सामने आते ही डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और मानवाधिकार संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह प्रस्ताव विदेशी मूल के लोगों और प्रवासियों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देता है। कई डेमोक्रेट सांसदों ने इसे नस्लवादी और अमेरिकी लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ बताया है।
अमेरिका में “प्राकृतिक नागरिकता” यानी नेचुरलाइजेशन उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें कोई व्यक्ति जन्म से अमेरिकी नागरिक नहीं होता, लेकिन तय कानूनी प्रक्रियाओं और शर्तों को पूरा करने के बाद अमेरिका की नागरिकता प्राप्त करता है। वर्तमान में ऐसे नागरिकों को लगभग सभी संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, हालांकि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनने के लिए पहले से ही “जन्मजात अमेरिकी नागरिक” होना अनिवार्य है।
रिपब्लिकन नेताओं का तर्क है कि देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर केवल जन्मजात अमेरिकी नागरिकों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक निष्ठा सुनिश्चित की जा सके। वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि यह प्रस्ताव लाखों वैध नागरिकों के अधिकारों पर हमला है, जिन्होंने कानूनी रूप से अमेरिका की नागरिकता हासिल की है और वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी अमेरिकी चुनावों में भी बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, क्योंकि प्रवासी समुदाय और नागरिकता से जुड़े मुद्दे अमेरिका की राजनीति में हमेशा से बेहद संवेदनशील रहे हैं।
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