कश्मीर मुद्दे पर पांच प्रधानमंत्रियों से मुलाकात का दावा, शब्बीर शाह ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
नई दिल्ली (आरएनआई) — जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (DFP) के प्रमुख शब्बीर अहमद शाह ने आतंकी फंडिंग मामले में अपनी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर भारत के पांच प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि उनके भाषण और गतिविधियां कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती रही हैं, न कि किसी तरह की हिंसा या आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए।
यह मामला गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और धनशोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें उन पर पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से हवाला के जरिए फंडिंग लेने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ इस जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही है।
सुनवाई के दौरान शाह के वकील कॉलिन गोन्साल्वेस ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने कभी पत्थरबाजी नहीं की और न ही किसी को हिंसा के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि शब्बीर शाह ने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से बातचीत की है और उनके पास प्रधानमंत्रियों के साथ ली गई तस्वीरें भी मौजूद हैं। गोन्साल्वेस के अनुसार, प्रधानमंत्रियों ने उनसे यह जानने के लिए मुलाकात की थी कि कश्मीर मुद्दे का समाधान कैसे निकाला जा सकता है, क्योंकि वे उन्हें आतंकवादी नहीं मानते थे।
पीठ ने यह स्पष्ट करने के लिए पूछा कि शाह किन प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों से मिले थे। इस पर गोन्साल्वेस ने कहा कि केस फाइलों में इससे जुड़ी तस्वीरें और दस्तावेज संलग्न हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह, आई.के. गुजराल, चंद्रशेखर और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी तथा के.सी. पंत के नाम भी गिनाए।
वकील ने यह भी बताया कि शब्बीर शाह की उम्र 74 वर्ष है और यदि उन्हें जमानत मिलती है तो उन पर यह शर्त लगाई जा सकती है कि वे कश्मीर में अपने घर और बगीचे तक ही सीमित रहेंगे। इस पर अदालत ने कहा कि यदि 10 फरवरी तक सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो उस दिन जमानत या अन्य राहत पर विचार किया जा सकता है।
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