आरटीआई कार्यकर्ता ने मांगी जवाब देही शिकायतों केनिस्तारण की प्रक्रिया पर जताई आपत्ति

Friday, July 10, 2026 - 11:09
Updated: 24 days ago
0
आरटीआई कार्यकर्ता ने मांगी जवाब देही शिकायतों केनिस्तारण की प्रक्रिया पर जताई आपत्ति

हाथरस,पीएमओ को भेजे ज्ञापन में कार्यवाही  पर उठाए सवाल, आरटीआई कार्यकर्ता ने मांगी जवाब देही शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर जताई आपत्ति, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की म सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेयहाथरस। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजी गई शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर शिकायतों पर स्वतंत्र जांच के बजाय उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर औपचारिक निस्तारण किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने आरटीआई आवेदन के माध्यम से शिकायतों पर हुई कार्रवाई से संबंधित अभिलेख और सूचनाएं भी मांगी हैं।राजीव वार्ष्णेय ने बताया कि उन्होंने 21 मई 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय को दस्तावेजों के साथ एक शिकायत भेजी थी। उनका आरोप है कि शिकायत में उठाए गए मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में उन्होंने विस्तृत ज्ञापन भेजते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।ज्ञापन में  उद्योग समूह से जुड़े अरुण गर्ग और अभय गर्ग पर कथित रूप से फर्जी बीमा क्लेम, औद्योगिक भूखंड के नियम विरुद्ध उपयोग, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा विद्युत सुरक्षा मानकों के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों से संबंधित साक्ष्य विभिन्न विभागों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।ज्ञापन में राजीव वार्ष्णेय ने आरोप लगाया कि पीएमओ को भेजी गई शिकायतें संबंधित विभागों को अग्रेषित कर दी जाती हैं, जिससे शिकायतों की निष्पक्ष जांच प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी मांग की कि शिकायतों के निस्तारण की स्वतंत्र निगरानी की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यक होने पर मामलों की जांच सक्षम केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए।उन्होंने बताया कि इस संबंध में आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन देकर शिकायतों पर की गई कार्रवाई, नोटशीट एवं अन्य अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वह उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Laxmi Kant Pathak

Senior Journalist | State Secretary, U.P. Working Journalists Union (Regd.)

Comments (0)

User