जंतर-मंतर पर छलका एक पिता का दर्द, कथित नीट पेपर लीक विवाद में बेटे को खोने वाले प्रशांत ने सुनाई भावुक आपबीती
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मंगलवार को एक ऐसा भावुक दृश्य सामने आया जिसने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दीं। गुजरात से आए प्रशांत नामक व्यक्ति ने कथित नीट पेपर लीक विवाद के बाद अपने बेटे को खोने का दर्द साझा करते हुए कहा कि वह अब अपने दूसरे बेटे के भविष्य को बचाने की उम्मीद लेकर आंदोलन में शामिल हुए हैं।
प्रशांत अपने दिवंगत बेटे की तस्वीर लेकर जंतर-मंतर पहुंचे और उसे प्रदर्शन स्थल पर रखा। उन्होंने कहा कि जब आंदोलन शुरू हुआ था, तब भी वह यहां आए थे और अब एक बार फिर न्याय की उम्मीद लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की मौत को एक महीना हो चुका है, लेकिन आज भी उन्हें लगता है कि उसकी पीड़ा को सही मायनों में नहीं समझा गया।
उन्होंने बताया कि उनका बेटा नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था और परीक्षा देने के बाद बेहद खुश था। परिवार को भरोसा था कि उसका प्रदर्शन अच्छा रहा है। प्रशांत के अनुसार, कथित पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद उनके बेटे की मानसिक स्थिति बदलने लगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने घर में अखबार तक छिपा दिए थे ताकि बेटा इस खबर से प्रभावित न हो, लेकिन बाद में उसे कोचिंग संस्थान से भी इस संबंध में जानकारी मिल गई।
प्रशांत ने कहा कि उनका बेटा पिछले दो वर्षों से डॉक्टर बनने के सपने के लिए लगातार मेहनत कर रहा था। वह जेईई मेन भी पास कर चुका था, लेकिन उसका लक्ष्य डॉक्टर बनना था। परिवार ने उसे संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह अपने मन की बात किसी से साझा नहीं कर सका और अंततः परिवार को छोड़कर चला गया।
उन्होंने कहा कि अब उनका एक बेटा और है, जिसके भविष्य की चिंता उन्हें यहां तक खींच लाई है। उनका कहना था कि वह व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं ताकि किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
जंतर-मंतर पर मौजूद कई अन्य परिवारों ने भी परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं और पीड़ा साझा की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, हाल के दिनों में आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की।
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