आर्टिकल 370 के सात साल: खेल और पर्यटन से बदल रही जम्मू-कश्मीर की पहचान, राजनीतिक बहस जारी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक ओर जहां राजनीतिक बयानबाजी तेज रही, वहीं दूसरी ओर केंद्र शासित प्रदेश में खेल, पर्यटन और बुनियादी विकास के क्षेत्र में हुए बदलाव भी चर्चा का विषय बने।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास, समान अवसर और नई संभावनाओं की शुरुआत बताया। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी सहित विपक्षी दलों ने राज्य का दर्जा बहाल करने और विशेष अधिकारों की बहाली की मांग दोहराई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों की कई शिकायतें अब भी दूर नहीं हुई हैं और राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा पूरा किया जाना चाहिए।
इन राजनीतिक बहसों के बीच जम्मू-कश्मीर में खेल और खेल पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। श्रीनगर के रॉयल स्प्रिंग्स गोल्फ कोर्स में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट में भारत और विदेशों के 128 पेशेवर खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य कश्मीर को वैश्विक गोल्फ पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना और स्थानीय युवाओं को खेल के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पर्यटन उद्योग के साथ-साथ होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग गोल्फ क्लब, पहलगाम का लिडर वैली गोल्फ कोर्स और जम्मू का सिद्धड़ा गोल्फ कोर्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान खेल पर्यटन को नई दिशा दे रहे हैं।
पर्यटन निदेशक सैयद कमर साजिद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से कश्मीर की वैश्विक पहचान मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं को पेशेवर खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर को खेल और पर्यटन के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में विकसित करना है।
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